UP Police Exam Date-अलंकार-UP Police previous Year Hindi

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड के द्वारा UP Police Exam Date की घोषणा कर दी गई है उत्तर प्रदेश में up police vacancy 2024 date की तैयारी कर रहे हैं सभी अभ्यर्थियों के लिए ये स्वर्णिम अवसर है कि वो अपनी प्रतिभा से 18 फरवरी को होने वाली परीक्षा उत्तीर्ण करके उत्तर प्रदेश पुलिस में नौकरी पाने का सपना साकार करें। उत्तर प्रदेश बट पुलिस भर्ती 2023 की परीक्षा 18 फरवरी 2024 को आयोजित कराई जाएगी जिसमें लगभग 30,00,000 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।

आज आपको उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की बिगत परीक्षाओं में हिंदी विषय के महत्वपूर्ण टॉपिक अलंकार से संबंधित प्रश्नों को पढ़ने का मौका मिलेगा। ये सभी प्रश्न बहुत ही महत्वपूर्ण है और आपकी परीक्षा की तैयारी में बहुत ही उपयोगी साबित होंगे। इन प्रश्नों के साथ में पूरा विश्लेषण दिया गया है जिससे आपको सभी अलंकारों की परिभाषाएं भी कंठस्थ हो जाएगी। तो पूरा लेख अंत तक पढ़िएगा और अपनी तैयारी को एक नया आयाम दीजियेगा।

Table of Contents

UP Police previous Year Hindi – अलंकार

1. ‘मुदित मनोहर मानस देखा’ पंक्ति में अलंकार है-

(a) यमक

(b) अनुप्रास

(c) उपमा

(d) रूपक

उ.प्र.पु. कांस्टेबल 18.6.2018 (द्वितीय पाली)

Ans : (b) ‘मुदित मनोहर मानस देखा’ पंक्ति में ‘म’ वर्ण की आवृत्ति बार-बार हुई है। अतः यहाँ ‘अनुप्रास अलंकार’ होगा।

अनुप्रास अलंकार- जब एक ही वर्णों की आवृत्ति होती है तब अनुप्रास अलंकार होता है; जैसे- ‘चारु चन्द्र की चंचल किरणें।’

यमक अलंकार – जहाँ एक शब्द एक से अधिक बार आये तथा प्रत्येक जगह उसके अर्थ भिन्न हों, तो यमक अलंकार होता है। जैसे- ‘सूर-सूर तुलसी शशि, उड्डगन केशवदास।’

उपमा अलंकार– जब उपमेय और उपमान में तुलना किया जाता है तथा वाचक शब्द (सो, सम, सरिस, सी आदि) से समान धर्म का वर्णन हो, तो वहाँ उपमा अलंकार होता है। जैसे- ‘मुख चन्द्र सा सुन्दर है।’

रूपक अलंकार- जहाँ उपमेय और उपमान में भेद रहित (कोई भेद न हो) आरोप हो, वहाँ रूपक अलंकार होता है; जैसे- ‘चरण कमल बंदौ हरिराई।’

2. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस सही विकल्प का चयन करें जो दिए गए पद्म के उचित अलंकार रूप का सबसे अच्छा विकल्प है- रघुपति राघव राजा राम

(a) अनुप्रास अलंकार              (b) यमक अलंकार

(c) रूपक अलंकार                   (d) उपमा अलंकार

उ०प्र०पु० कांस्टेबल परीक्षा, 27-01-2019.Shift I

Ans : (a) ‘रघुपति राघव राजा राम’ इस पद्यांश में अनुप्रास अलंकार प्रयुक्त हुआ है। अनुप्रास अलंकार के अन्तर्गत किसी भी पंक्ति में वर्णों की आवृत्ति होती है।

आवृत्ति का अर्थ है – किसी वर्ण का एक से अधिक बार आना। यहाँ ‘र’ वर्ण की आवृत्ति चार बार है। अतः यहाँ अनुप्रास अलंकार का होना सिद्ध होता है।

3. निम्नलिखित में कौन-सा शब्दालंकार है?

(a) उपमा                   (c) उत्प्रेक्षा

(b) रूपक                    (d) यमक

उ.प्र.पु. कांस्टेबल 18.6.2018 (प्रथम पाली)

Ans : (d) काव्य की शोभा बढ़ाने वाले शब्दों को अलंकार कहते हैं। अलंकार के मुख्य दो भद होते हैं :-

( 1) शब्दालंकार – जहाँ किसी पंक्ति या कविता में शब्दों क

कारण रमणीयता आती है, वहाँ शब्दालंकार होता है। शब्दालंकार के मुख्य भेद हैं- अनुप्रास, यमक, श्लेष, वक्रोक्ति, पुनुरुक्ति प्रकाश/वीप्सा इत्यादि ।

( 2) अर्थालंकार– जहाँ किसी पंक्ति या कविता में अर्थ के

कारण रमणीयता आती है, वहाँ अर्थालंकार होता है। अर्थालंकार के मुख्य भेद-उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, व्यतिरेक, अतिशयोक्ति, दृष्टांत, भ्रान्तिमान, संदेह, उल्लेख आदि हैं।

4. निम्नलिखित प्रश्न में, चार विकल्पों में से, उस सही विकल्प का चयन करें जो दिए गए पद्म के उचित अलंकार रूप का सबसे अच्छा विकल्प है। तरनि तनुजा तट – तमाल तरूवर बहु छाये

उ०प्र०पु० कांस्टेबल परीक्षा, 27-01-2019Shift II

(a) अनुप्रास अलंकार         (b) यमक अलंकार

(c) श्लेष अलंकार               (d) उपमा अलंकार

Ans : (a) दिये गये विकल्पों में से पंक्ति ‘तरनि तनुजा तट तमाल तरुवर बहु छायें’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प अनुप्रास अलंकार है जिसके अन्तर्गत एक पंक्ति में किसी एक वर्ण की आवृत्ति होती है। यहाँ ‘त’ वर्ण आवृत्ति पाँच बार हुई है, अतः अनुप्रास अलंकार प्रमाणित होता है।

5. जहाँ एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति होती है वहाँ अलंकार होगा।

(a) यमक                   (b) अनुप्रास

(c) श्लेष                     (d) उपमा

उ.प्र.पु. कांस्टेबल 19.6.2018 (द्वितीय पाली )

Ans : (b)

1. अनुप्रास अलंकार – जहाँ पर एक ही वर्ण की आवृत्ति हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।

जैसे-

मुदित महीपति मंदिर आये। सेवक सचिव सुमंत बुलाये ।।

2. यमक अलंकार – जहाँ एक शब्द की आवृत्ति दो या दो से अधिक बार होती है, किन्तु उनके अर्थ भिन्न-भिन्न होते हैं, वहाँ यमक अलंकार होता है कनक-कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय।

जैसे –

उहि खाये बौराय नर, इहि पाये बौराय।। 1. कनक- सोना (धातु) 2. कनक- धतूरा

 3. श्लेष अलंकार- जिस वाक्य या पंक्ति में एक ही शब्द के अनेक अर्थ होते हैं, वहाँ श्लेष अलंकार होता है।

जैसे- रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून।

पानी गये न उबरै, मोती मानुस चून।।

पानी- चमक, प्रतिष्ठा, जल

4. उपमा अलंकार– समान धर्म, स्वभाव, शोभा, गुण आदि के आधार पर जहाँ एक वस्तु की तुलना दूसरी वस्तु से की जाती है, वहाँ उपमा अलंकार होता है जैसे- पीपर पात सरिस मन डोला।

6. वर्णों की एक से अधिक बार आवृत्ति किस अलंकार में होती है?

(a) उपमा अलंकार             (b) रूपक अलंकार

(c) अनुप्रास अलंकार         (d) श्लेष अलंकार

उ.प्र.पु. कांस्टेबल 25.10.2018

Ans. (c) : वर्णों की एक से अधिक बार आवृत्ति को ‘अनुप्रास अलंकार’ कहते हैं।

जैसे- ‘मुदित महीपति मंदिर आए, सेवक सचिव सुमंत बुलाए’। यहाँ पहली पंक्ति में ‘म’ की आवृत्ति और दूसरी पंक्ति में ‘स’ की आवृत्ति हुई है।

7. काली घटा का घमंड घटा। – अलंकार बताइए-

(a) यमक अलंकार

(b) उपमा अलंकार

(c) अनुप्रास अलंकार

(d) रुपक अलंकार

उ.प्र.पु. कांस्टेबल, 26.10.2018 (प्रथम पाली )

Ans. (a): ‘काली घटा का घमंड घटा’ में ‘घटा’ शब्द की आवृत्ति दो बार हुई है, जिसमें प्रथम घटा का अर्थ ‘सुन्दर मौसम’ तथा दूसरी घटा का अर्थ ‘कम होना’ है।

अतः यहाँ ‘यमक अलंकार’ होगा। जहाँ एक शब्द एक से अधिक बार प्रयुक्त हो और उसके अर्थ अलग-अलग हों वहाँ यमक अलंकार होता है।

निर्देश (प्र.सं. 794-765) दी गयी पंक्तियों को पढ़कर प्रश्नों का उचित उत्तर दें।

“मेरा मन अनंत कहाँ सुख पावै,

जैसे उड़ि जहाज को पंछी फिर जहाज पर आवै,

कमल नैन (न) को छांड़ि महातम, और देव को ध्यावे ॥”

8. ‘कमल नयन’ में अलंकार है-

(a) रूपक                             (b) उपमा

(c) उत्प्रेक्षा                          (d) श्लेष

उ.प्र. उपनिरीक्षक, 2001

Ans : (a) ‘कमल नयन’ में रूपक अलंकार है। जहाँ पर उपमेय को ही उपमान का रूप दिया जाए, वहाँ ‘रूपक अलंकार’ होता है। कवि के शब्दों में- ‘उपमेय उपमान जहाँ एकै रूप कहाय’।

‘कमल नयन’ में नयन को कमल स्वीकार किया गया है।

“मेरा मन अनंत कहाँ सुख पावै,

जैसे उड़ि जहाज को पंछी फिर जहाज पर आवै,

कमल नैन (न) को छांड़ि महातम, और देव को ध्यावे ॥”

9. रेखांकित पंक्ति में अलंकार है-

(a) रूपक                    (c) उत्प्रेक्षा

(b) उपमा                   (d) श्लेष

उ.प्र. उपनिरीक्षक, 2001

Ans : (c) रेखांकित पंक्ति में ‘उत्प्रेक्षा अलंकार’ है। जहाँ उपमेय में उपमान से भिन्नता होते हुए भी उपमान की संभावना की जाती है, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। इस अलंकार के वाचक शब्द – मनु, जनु, मानो, जानो आदि हैं।

10. दी गयी पंक्तियों में अलंकार बताइये।

“जो घनी भूत पीड़ा थी मस्तक में स्मृति सी छाई।

दुर्दिन में आँसू बनकर वह आज बरसने आई।”

(a) श्लेष                     (b) वक्रोक्ति

(c) यमक                    (d) अनुप्रास

उ.प्र. उपनिरीक्षक मृतक आश्रित, 2016

Ans : (a) श्लेष अलंकार- जब एक शब्द में एक से अधिक अर्थ जुड़े हो, तो वहाँ श्लेष अलंकार होता है। जैसे –

जो घनी भूत पीड़ा थी मस्तक में स्मृति सी छाई ।

दुर्दिन में आँसू बनकर वह आज बरसने आई।।

पंक्ति में श्लेष अलंकार है।

यहाँ ‘घनीभूत’ शब्द के दो अर्थ हैं पहला अर्थ है ‘मनुष्य’ के मन में कुछ समय से इकट्ठी पीड़ा’ तथा दूसरा अर्थ ‘बादलों’ से संबंधित है।

इसी प्रकार दुर्दिन शब्द के भी दो अर्थ हैं। पहला ‘बुरे दिन’ जब पीड़ा की वजह से आँसू बह रहे हैं तथा दूसरा ‘बारिश के दिन’

11. “फूलसी सुकोमल मृदु भावमयी देवयानी;

कच के बिना न जी सकेगी, यह निश्चित है।” उक्ति पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

(a) उपमा                            (c) उत्प्रेक्षा

(b) रूपक                    (d) अतिशयोक्ति

उ.प्र. उपनिरीक्षक मृतक आश्रित, 2016

Ans : (a) फूलसी सुकोमल मृदु भावमयी देवयानी;

 कच के बिना न जी सकेगी, यह निश्चित है।

पंक्ति में ‘उपमा अलंकार’ है। किसी समानता वाचक पद के द्वारा जहाँ उपमेय का उपमान के साथ समान धर्म का प्रतिपादन हो, वहाँ उपमा अलंकार होता है।

12. “सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलोने गात। मनो नीलमनि सैलपर आतप परयौ प्रभात।।”

(a) रूपक                             (c) उत्प्रेक्षा

(b) अतिशयोक्ति                (d) अनुप्रास

उ.प्र. उपनिरीक्षक मृतक आश्रित, 2016

Ans : (c) उत्प्रेक्षा अलंकार – जब उपमेय में उपमान की सम्भावना व्यक्त की जाय, तो वहाँ ‘उत्प्रेक्षा अलंकार’ होता है। (बोधक शब्द- मानो, मनु, मनहु, जाने, जनु, जनहु)

जैसे- (1) सोहत ओढ़े पीत पट, श्याम सलोने गात। मनो नील मनि सैल पर आतप पर्यो प्रभात।।

(2) मुख मानो चन्द्र है।

13. “प्रश्न चिह्नों में उठी हैं, भाग्य-सागर की हिलोरें।” इस काव्य-पंक्ति में कौन-सा अलंकार प्रयुक्त है?

(a) यमक                                     (c) उपमा

(b) अनुप्रास                                 (d) रूपक

UPSI Batch – III 22 Dec.2017 –

Ans. (d) : जहाँ उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप हो, वहाँ ‘रूपक अलंकार’ होता है। प्रश्नगत पंक्तियों में रूपक अलंकार है, क्योंकि यहाँ उपमेय (भाग्य) पर उपमान (सागर की हिलोरें) का अभेद आरोप है।

14. जहाँ एक ही शब्द एक से अधिक बार आए तथा भिन्न- भिन्न अर्थ हों वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?

(a) अनुप्रास                                 (c) यमक

(b) श्लेष                                      (d) अर्थालंकार

UPSI Batch – III 22 Dec.2017

Ans. (c) : जहाँ एक ही शब्द एक बार से अधिक बार आये तथा भिन्न-भिन्न अर्थ हों, तो वहाँ यमक अलंकार होता है।

उदाहरण –

माला फेरत जुग गया, गया न मन का फेर।

करका मनका डारि कै, मनका मनका फेर।।

15. इनमें से कौनसा अर्थालंकार का भेद नहीं है?

(a) उपमा

(b) अतिशयोक्ति

(c) रूपक

(d) यमक

UPSI Batch – III 22 Dec.2017

Ans. (d) : ‘यमक अलंकार’ अर्थालंकार का भेद नहीं है। यमक अलंकार शब्दालंकार का भेद है जबकि अन्य तीनों अर्थालंकार के भेद हैं।

शब्द अलंकार- अनुप्रास, यमक, श्लेष आदि।

अर्थालंकार- उपमा, प्रतीप, संदेह, उत्प्रेक्षा, विरोधाभास, विभावना, भ्रांतिमान आदि।

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